REFLECTION OF LIGHT

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Raghbendra Kumar

7/14/20232 min read

Light
Light

In basic terms, light is a form of energy that allows us to see things. It comes from sources like the Sun, light bulbs, or flames. Light travels in straight lines and at a very high speed. When light encounters objects, it can bounce off them, pass through them, or get absorbed by them.

(प्रकाश ऊर्जा का एक रूप है जो हमें चीजों को देखने की अनुमति देता है। यह सूर्य, प्रकाश बल्ब या आग जैसे स्रोतों से आता है। प्रकाश सीधी रेखा में और बहुत तेज़ गति से चलता है। जब प्रकाश वस्तुओं से टकराता है, तो वह उनसे टकरा सकता है, उनके बीच से गुजर सकता है, या उनके द्वारा अवशोषित हो सकता है।)

  • Light-source (प्रकाश-स्रोत्र): The object from which light comes out, that object is called light-source. (जिस वस्तु से प्रकाश निकलता है, वह वस्तु प्रकाश-स्रोत्र कहलाता हैं)

    Example: Lamp(लैंप), Sun(सूर्य), Lantern(लालटेन), Star(तारा), Candle(मोमबत्ती), Bulb(बल्ब) etc.

There are two types of light sources (प्रकाश-स्रोत्र के दो प्रकार होते है)-

  1. Man-made light source (मानव-निर्मित प्रकाश-स्रोत्र): A light source that is created by humans is called a man-made light source. (वैसा प्रकाश-स्रोत्र जिसका निर्माण मानव ने किया हो, मानव निर्मित प्रकाश-स्रोत्र कहलाता हैं) Example: Lamp(लैंप), Lantern(लालटेन), Candle(मोमबत्ती), Bulb(बल्ब) etc.

  2. Natural light source (प्राकृतिक प्रकाश-स्रोत्र): A light source that is self-made or naturally occurring is called a natural light source. (वैसा प्रकाश-स्रोत्र जिसका निर्माण स्वयं हुआ हो या प्राकृतिक रूप से हुआ हो, प्राकृतिक प्रकाश-स्रोत्र कहलाता हैं) Example: Sun(सूर्य), Star(तारे) etc.

  • Luminous things (प्रदीप्त वस्तुएँ): All those objects which emit light are called luminous objects. (वे सभी वस्तुएँ जिनसे प्रकाश उत्सर्जित होती है, प्रदीप्त वस्तुएँ कहलाती हैं) Example: Sun(सूर्य), Light bulb (बिजली के जलता बल्ब), Glowing candle(जलती मोमबत्ती)etc.

  • Nonluminous things (अप्रदीप्त वस्तुएँ): All those objects which do not emit light are called non-luminescent objects (वे सभी वस्तुएँ जिनसे प्रकाश उत्सर्जित नहीं होती है, अप्रदीप्त वस्तुएँ कहलाती हैं ) Example: Tebal(टेबल), Chair(कुर्सी), Book(किताब), Pen(कलम)etc.

  • प्रकाश की किरण (ray of Light source): Light traveling in a straight line is called a ray of light. (एक सरल रेखा में चलने वाली प्रकाश को प्रकाश की किरणें कहते हैं)

  • प्रकाश का किरणपुंज (beam of Light source): A group of rays of light is called a beam of light (प्रकाश के किरणों के समूह को प्रकाश का किरणपुंज कहते हैं)

किरणपुंज तीन प्रकार होते है:

(a) Diverging beam (अपसारी किरणपुंज): A beam in which the rays of light diverge or appear to diverge from a single point are called diverging beams (वैसा किरणपुंज जिनमें प्रकाश की किरणें एक बिंदु से निकलकर फैलती है या फैलती हुई प्रतीत होती है, अपसारी किरणपुंज कहलाती हैं)

(b) Parallel beam (समांतर किरणपुंज): A beam in which the rays of light emerge or appear to be parallel are called parallel beams. (वैसा किरणपुंज जिनमें प्रकाश की किरणें समांतर निकलती है या प्रतीत होती है, समांतर किरणपुंज कहलाती हैं)

(c) Converging beam (अभिसारी किरणपुंज): Such beams in which the rays of light converge or appear to converge at a point are called convergent beams. (वैसा किरणपुंज जिनमें प्रकाश की किरणें एक बिंदु पर आकर मिलती है या मिलती हुई प्रतीत होती है, अभिसारी किरणपुंज कहलाती हैं)

  1. Transparent things(पारदर्शी पदार्थ): Those substances through which light passes easily are called transparent substances. (वे पदार्थ जिससे होकर प्रकाश आसानी से पार हो जाता है, पारदर्शी पदार्थ कहलाता हैं)

  2. Translucent things(पारभाषी पदार्थ): The substances which allow a small part of the light to pass through them are called translucent substances (वे पदार्थ जो अपने से होकर प्रकाश के एक छोटे से भाग को जाने देते है, पारभाषी पदार्थ कहलाता हैं)

  3. Opaque things (अपारदर्शी पदार्थ): Those substances which do not allow light to pass through them are called opaque substances. (वे पदार्थ जो अपने से होकर प्रकाश को नहीं जाने देता है, अपारदर्शी पदार्थ कहलाता हैं)

Reflection of light (प्रकाश का परावर्तन)

Reflection of light (प्रकाश का परावर्तन): When light bounces back in its direction after striking the surface of an object, this process is called reflection of light. (प्रकाश जब किसी वस्तु की सतह से टकराकर पुनः अपनी दिशा में लौट जाता है, इस प्रक्रिया को प्रकाश का परावर्तन कहते हैं )

Ray diagram (किरण-आरेख): Pictures showing the path of rays of light are called ray diagrams. (प्रकाश की किरणों का पथ दर्शाने वाले चित्रों को किरण-आरेख कहलाता है)

Laws of reflection (परावर्तन के नियम): Pictures showing the path of rays of light are called ray diagrams. (प्रकाश की किरण जब किसी सतह पर पड़कर जिन नियमों का पालन करते हुए उस सतह से परावर्तित होते है, उन नियम को प्रकाश के परावर्तन का नियम कहते है)


There are two laws of reflection of light (प्रकाश के परावर्तन के दो नियम है):
  1. Incident ray is equal to Reflected ray (Incident ray, Reflected ray के बराबर होती है)

  2. Incident ray and Reflected ray and the normal drawn at Point of Incident all three lie on the same surface (Incident ray और Reflected ray तथा Point of Incident पर खींचा गया अभिलंब तीनों एक ही सतह पर होता है)

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